कर्णमातंगी यंत्र (Karnamatangi Yantra) तंत्र शास्त्र की एक अत्यंत गोपनीय, रहस्यमयी और उच्च स्तरीय महाविद्या साधना का प्रतीक है। माता कर्णमातंगी वास्तव में महाविद्या माता मातंगी का ही एक विशेष और तीव्र स्वरूप हैं। तंत्र विज्ञान में इन्हें 'वाक् सिद्धि' और 'त्रिकाल ज्ञान' (भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने वाली) की देवी माना जाता है।
'कर्ण' का अर्थ होता है कान और 'मातंगी' माता मातंगी का स्वरूप हैं। ऐसी मान्यता है कि इस यंत्र की सिद्ध साधना करने से देवी साधक के कान में आकर भूत, भविष्य और वर्तमान की गुप्त बातें बता देती हैं, इसी कारण इन्हें कर्णमातंगी कहा जाता है।
तांबे (Copper) पर बना बिना रंगों वाला शुद्ध कर्णमातंगी यंत्र अद्भुत मानसिक और बौद्धिक शक्तियों का केंद्र होता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं:
1. स्वरूप और बनावट
तांबे के चौकोर पत्तर पर बना यह यंत्र एक अत्यंत जटिल और सटीक ज्यामितीय संरचना (Geometrical Structure) है। इसमें मुख्य रूप से केंद्रीय बिंदु, त्रिकोण, षट्कोण (Star) और विशेष रूप से अक्षरों व मंत्रों की आकृतियां उकेरी होती हैं। बिना रंगों के, शुद्ध तांबे की धातु इसकी सूक्ष्म और तीव्र ऊर्जा तरंगों को बिना किसी रुकावट के प्रसारित करती है।
2. कर्णमातंगी यंत्र के मुख्य लाभ
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अद्भुत अंतर्ज्ञान (Intuition Power) और त्रिकाल ज्ञान: इस यंत्र की नियमित सेवा और ध्यान करने से जातक की छठी इंद्री (Sixth Sense) बहुत ज्यादा सक्रिय हो जाती है। व्यक्ति को आने वाली घटनाओं का पहले से ही पूर्वाभास (Intuition) होने लगता है।
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वाक् सिद्धि (Speech Power): माता कर्णमातंगी की कृपा से साधक की वाणी में ऐसी शक्ति आ जाती है कि उसके मुंह से निकली बातें सच होने लगती हैं। उसकी बातों का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
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बुद्धि, विद्या और गुप्त ज्ञान की प्राप्ति: यह यंत्र अज्ञानता के अंधकार को मिटाता है। जो लोग ज्योतिष (Astrology), अंकशास्त्र (Numerology), हस्तरेखा विज्ञान (Palmistry) या तंत्र-मंत्र जैसी गुप्त विधाओं को सीख रहे हैं, उनके लिए यह यंत्र किसी वरदान से कम नहीं है।
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स्मरण शक्ति और एकाग्रता: छात्रों और शोधकर्ताओं (Researchers) के लिए इस यंत्र के सामने ध्यान लगाना दिमागी क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है।
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शत्रुओं के षड्यंत्रों का पहले पता चलना: इस यंत्र के प्रभाव से साधक को अपने खिलाफ होने वाले गुप्त हमलों या धोखे का आभास पहले ही हो जाता है, जिससे वह सतर्क हो जाता है।

