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12 mukhi rudraksh | 12 मुखी रुद्राक्ष

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12 मुखी रुद्राक्ष (Twelve Mukhi Rudraksha) को शास्त्रों में साक्षात भगवान सूर्य (Sun God) का स्वरूप माना गया है। इसे भगवान विष्णु के 12 आदित्यों (तेज और प्रकाश के रूप) का...

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12 मुखी रुद्राक्ष (Twelve Mukhi Rudraksha) को शास्त्रों में साक्षात भगवान सूर्य (Sun God) का स्वरूप माना गया है। इसे भगवान विष्णु के 12 आदित्यों (तेज और प्रकाश के रूप) का आशीर्वाद भी प्राप्त है।

यदि जीवन में नाम, दाम, और सम्मान (Name, Fame, and Power) की इच्छा हो, तो 12 मुखी रुद्राक्ष को सबसे अचूक और शक्तिशाली माना जाता है। इसे धारण करने वाले व्यक्ति का तेज सूर्य के समान चमकने लगता है।

1. मुख्य विशेषताएं और ग्रह संबंध

  • अधिपति देव: भगवान सूर्य और 12 आदित्य।

  • स्वामी ग्रह: सूर्य (Sun)। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में हो या ग्रहण दोष हो, उनके लिए यह रुद्राक्ष किसी वरदान से कम नहीं है।

2. 12 मुखी रुद्राक्ष के मुख्य लाभ

  • मान-सम्मान और प्रसिद्धि (Fame & Respect): इसे पहनने से समाज, कार्यक्षेत्र और परिवार में व्यक्ति का मान-सम्मान, यश और कीर्ति तेजी से बढ़ती है।

  • लीडरशिप और प्रशासनिक सफलता: जो लोग राजनीति, सरकारी नौकरी, या किसी ऊंचे प्रशासनिक पद (जैसे IAS, IPS) की तैयारी कर रहे हैं या कार्यरत हैं, उनके लिए यह रुद्राक्ष नेतृत्व क्षमता (Leadership Quality) को जबरदस्त बढ़ाता है।

  • आत्मविश्वास और निडरता: यह मन से हीन भावना (Inferiority Complex), असफलता का डर और मानसिक कमजोरी को पूरी तरह दूर कर आत्मविश्वास से भर देता है।

  • तेज और आकर्षण (Charisma): इसे धारण करने वाले व्यक्ति के चेहरे और व्यक्तित्व में एक अनोखा आकर्षण और तेज (Aura) पैदा होता है, जिससे लोग उनकी बातों से प्रभावित होते हैं।

  • स्वास्थ्य लाभ: सूर्य से संबंधित होने के कारण यह हृदय रोग (Heart diseases), आंखों की रोशनी, त्वचा के रोग (Skin problems) और हड्डियों की कमजोरी को दूर करने में बेहद सहायक माना जाता है।

3. धारण करने की विधि और नियम

  • शुभ दिन: इसे रविवार (Sunday) के दिन सुबह के समय धारण करना सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह सूर्य देव का दिन है।

  • शुद्धिकरण: रविवार की सुबह स्नान के बाद रुद्राक्ष को गंगाजल और गाय के कच्चे दूध से शुद्ध करें। इस पर लाल चंदन का तिलक लगाएं।

  • मंत्र: पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य देव का ध्यान करते हुए कम से कम 108 बार इस बीज मंत्र का जाप करें:

    "ॐ क्रौं क्षौं रौं नमः" या सरल मंत्र "ॐ घृणि सूर्याय नमः" का जाप करें।

4. किसे धारण करना चाहिए?

  • व्यवसायी (Businessmen), नेता (Politicians), और कंपनियों के सीइओ (CEOs) या मैनेजर्स जिन्हें बड़ी टीमों को संभालना होता है।

  • सरकारी नौकरी की इच्छा रखने वाले या सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले लोग।

  • वे लोग जो मंच पर बोलने से डरते हैं (Stage Fear) या जिनमें खुद को साबित करने की इच्छाशक्ति की कमी होती है।

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